भारत के पर्वत व पर्वत श्रेणियाँ

map2हिमालय पर्वत

      हिमालय विष्व की सर्वोच्च पर्वत श्रेणीहै,यह भारत के उत्तर-पष्चिम,उत्तर और उत्तर-पूर्वमें विस्तृतहै.इसकी लम्बार्इ 2414 किलोमीटर और चौड़ार्इ 240 से320 किलोमीटर है. हिमालय उत्तर प्रदेष तथा पष्चिमबंगालके मैदान से एकदम उठे इुए है.इनकी औसत ऊँचार्इ 6000 मीटर है,लेकिन एषिया महाद्वीप की 7000 मीटर से अधिक 94 चोटियों से92 हिमालय पर्वतमेंहैं. विष्व कासर्वोच्च पर्वत षिखर ऐवरेस्ट (8848मीटरऊँचा) भीहिमालयपर्वत में ही है .इस षिखर कानाम भारत के सर्वेयरजनरल जॉर्जऐवरेस्ट के नाम पर हीऐवरेस्ट रखा गया था.29मर्इ,1953कोकर्नलजानहण्टकेनेतृत्वमेंोरपासेनसिंहऔर न्यूजीलैण्डके एडमण्ड हिलेरी ने विष्वक ेइस सबसेऊँचे पर्वत पर सर्वप्रथम अपने कदम रखेथे.

भू-आकृतिक दृष्टि से हिमालय को निम्नलिखित भागों में बाँटा जा सकता है.

(i)    पश्चिमी हिमालय

(ii)    नेपाल हिमालय

(iii)  पूर्वी हिमालय

हिमालय  के प्रमुख पर्वत षिखर

शिखर                         ऊँचार्इ (मीटरमें)

ऐवरेस्ट (नेपाल)               8,848

के-2                              8,611

कंचनजंधा                        8,598

नंगापर्वत                         8,128

गाषेरब्रम                         8,068

ब्रॉडपीक                          8,047

दिस्तेगिलसर                       7,885

माषेरब्रम (पूर्वी)                        7,821

नन्दादेवी                         7,817

माषेरब्रम  (पश्चिमी)           7,806

राकापोषी                          7,788

कामेत                             7,756

सासेरकांगड़ी                      7,672

सीक्यांगकांगड़ी                           7,544

सियाकांगड़ी                       7,422

चौखम्मा (बद्रीनाथशिखर)          7,138

त्रिाूल(पष्चिम)                         7,138

नूनकून                            7,135

पोहुनरी                            7,128

कांटो                              7,090

डूनागरी                                  7,066

  • पाकिस्तानकेकब्जेमें

पश्चिमी हिमालय

पश्चिमी हिमालय को पुन: चार भागों में बाँटतेहैं-

(i)       उत्तरी कश्मीर हिमालय,

(ii)    दक्षिण कश्मीर हिमालय,

(iii)  पंजाब हिमालयऔर

(iv)  कुमायूँ हिमालय

उत्तरी कश्मीर  हिमालय केउत्तर मेंकराकोरम श्रेणा (कृश्णागिरि) और लदाख श्रेणीहैं .ज्ञ2केअतिरिक्त ब्रॉडपीक, हिडनपीक, राकापोषी आदि अनेक ऊँची चोटियाँ तथा सियाचिन ,रिमोबाल्तोरो आदि हिमानिया हैं.

दक्षिण कष्मीर हिमालय केअन्तर्गत हिमालय की  महान, लधु शिवालिक श्रेणियाँहैं. इसी श्रेणी में पीर पंजाल और बनिहाल दर्रे हैं.इसकेदक्षिणीभागमेंजम्मूकीपहाड़ियाँफैलीहैंतथाउत्तर-पष्चिममें पुँछ पहाड़ियाँ हैं.

पंजाब हिमालय के उत्तरी भागमें जास्कर  श्रेणी तथा पंजाब  में पीरपंजाल  और हिमालय मेंधोलाधार श्रेणीयाँ विस्तृतहैं.

कुमायूँहिमालयमेंअनेकऊँचीचोटियाँहैं.इनमेंसतोपंथ,केदारनाथ,श्रीकण्ठआदिहैं,इसकेदक्षिणमेंदूनऔरद्वारधाटियाँहैं.

नेपाल हिमालय

नेपाल हिमालय में विष्व की सबसे ऊँची चोटियाँ-ऐवरेस्ट, मकालू, कंचनजंगा, धौलागिरि, मनसालू और च्योओयू हैं.इस क्षेत्र में नेपाल तथा काठमाण्डू की घाटियाँ हैं.

पूर्वी हिमालय

पूर्वी हिमालयसिंगलीलाश्रेणीसेप्रारम्भहोकरनामचाबारवाचोटीएकविस्तृतहै.इसकेअन्तर्गतसिक्किमहिमालय,दार्जिलिंगहिमालय,भूटानहिमालय,पूर्वीहिमालयकापूर्वीभाग(पूर्वांचलमेघालय)आदि“ाामिलहैं.इसकेसिक्किमहिमालयमेंसिंगलीलाश्रेणीडॉगक्याश्रेणीवनाथूलाऔरजैलेप्लादर्रेहैं.दार्जिलिंगहिमालयमेंसंडाक्यूफालूतऔरसबारगामषिखरहैं.भूटानहिमालयमेंथिम्पूऔरमसांगक्युगडुश्रेणीवयूलेऔरलिंगषीदर्रेहैं.पूर्वाचलमेंनागालैण्ड,मणिपुरकछार,मिजो,लुसार्इऔरत्रिपुराकीपहाड़ियाँहैं.पूर्वीअरूणाचलमेंमिषमीऔरपटकोर्इपहाड़ियाँहैं.मेघालयमेंजयन्तिया,गारोऔरखासीकीपहाड़ियाँसम्मिलितहैं.खासीकेदक्षिणमेंचेरापूँजीकापठारहै.

अरावली पर्वत श्रेणी

भारत के पष्चिमी भागमें राजस्थानके दक्षिण-पष्चिममेंसिरोहीसेप्रारम्भहोकरउत्तरपूर्वमेंखेतड़ीतकश्रृंखलाबद्धऔरआगेउत्तरमेंछोटी-छोटीश्रृंखलाओंकेरूपमेंदिल्लीतकविस्तृतहैं.यहविष्वकीप्राचीनतमपर्वतमालामानीजातीहै.भूगर्भिकइतिहासकीदृश्टिसेअरावलीश्रंृखलाधारवाड़समयकेसमाप्तहोनेकेसाथसेसम्बन्धितहै.यहश्रंृखलासमप्राय:थीऔरकैम्ब्रियनयुगमेंपुन:उठीऔरविन्ध्यनकालकेअन्ततकयहश्रंृखलाअपनेअस्तित्वमेंआर्इ.सर्वप्रथमयहश्रंृखलामेसोजाइकयुगमेंसमप्राय:हुर्इऔरटरषरीकालकेप्रारम्भसेपूर्वपुनरोस्थितहुर्इ.इसमेंफाइलार्इटसषिस्ट,नीसऔरकुछग्रेनाइटचट्टानोंकीप्रधानताहै.इसकीऔसतऊँचार्इ1225मीटरहै.यहाँकेप्रमुखषिखरोंमेंगुरूषिखर(1727मीटर),सेर(1597मीटर),नरगा(1431मीटर),अचलगढ़(1380मीटर),रधुनाथगढ़(1055मीटर),खैर(920मीटर),तारागढ़(873मीटर),बाबार्इ(792मीटर),भैराच(792मीटर)औरबैराठ(704मीटर)हैं.

विन्ध्याचलपर्वतश्रेणी

यहपर्वतगुजरातसेप्रारम्भहोकरमध्यप्रदेष,बघेलखण्ड,उत्तरप्रदेषहोताहुआबिहार,उड़ीसाऔरसोनघाटीकेऊपरदीवारकेसमानदक्षिणकेपठारऔरगंगाकीघाटीकेमध्यसासारामतक1050किलोमीटरकीलम्बर्इमेंविस्तृतहै.इसकीऊँचार्इ457मीटरसे610मीटरतकहै.यहपर्वतबालूकेलालपत्थरोंऔरक्वार्ट्जसेबनाहै.इसमेंमहादेव,मैकाल,कैमूरबाराकरऔरराजमहलकीपहाड़ियाँहैं.विंध्याचलपहाड़ियोंकीचोटियाँनुकीलीनहोकरचपटीहैं.

सतपुड़ा पर्वत

विन्ध्याचलकेदक्षिणमेंउन्हींकेसमानान्तर1120किलोमीटरकेविस्तारमेंसतपुड़ा(सातपरतोंवालापर्वत)विस्तृतहै.यहमध्यप्रदेषमेंनर्मदाकेदक्षिणऔरताप्तीकेउत्तरमेंरीवासेलगाकरपष्चिमकीऔरराजपीपलापहाड़ियोंमेंहोतीहुर्इपष्चिमीघाटतकफैलीहै.यहअधिकांषतयाबैसाल्टऔरग्रेनाइट“ौलोंसेबनाहै.इसकीऔसतऊँचार्इ762मीटरहै,किन्तुअमरकंटककीपहाड़ियाँ1066मीटरतकऊँचीहैं,जोआगेजाकरपूर्वकीओरछोटानागपुरकेपठारपरसमाप्तहोतीहैं.सतपुड़ाकासर्वाधिकऊँचाषिखरधूपगढ़(1350मीटर)पंचमढ़ीमेंमहादेवकीपहाड़ियोंपरस्थितहै.

महादेवकीपहाड़ियाँ

सतपुड़ापर्वतमालाकेउत्तरीभागमेंवमध्यप्रदेषकेदक्षिणीभागमेंमहादेवकीपहाड़ियाँस्थितहैं.इनपहाड़ियोंकाउद्भवकार्बनीयुगमें(280मि.वर्शपूर्वहुआथा.यहाँबालुपत्थरकी“ौलेंबहुतायतसेपार्इजातीहै.यह275से1100मीटरऊँचीहैं.

मैकाल पर्वत

यहपर्वतश्रेणीसतपुड़ापर्वतश्रेणीमेंही“ाामिलवभारतकेमध्यमेंस्थितहै.इसकाविस्तारमध्यप्रदेषकेउत्तर-पूर्वसेदक्षिण-पष्चिमकीओरमण्डलाजिलेमेंहै.इसकीअधिकतमऊँचार्इअमरकंटकमें1066मीटरहै.

कैमूरपर्वतश्रेणी

कैमूरश्रेणियाँमध्यभारतमेंविंध्याचलपर्वतमालाकीउत्तरी-पूर्वी“ााखाहै.

राजमहल की पहाड़ियाँ

बिहारराज्यमेंयेपहाड़ियाँस्थितहैं.येगंगानदीसेदुभकातकउत्तर-दक्षिणकीओर190किलोमीटरदूरतकविस्तृतहैं.सोरियापहाड़ियोंपरयह567मीटरऊँचीहैं.यहाँसंथालजनजातिकेलोगनिवासकरतेहैं.

राजगीर की पहाड़ियाँ

बिहारमेंपटनाकेदक्षिणमें641किलोमीटरदूरतकसमानान्तरश्रेणियाँविस्तृतहैं.जोएकसंकीर्णखì (त्ंअपदम)कोघेरेरहतीहैं.राजगीरपहाड़ियाँबौद्धवजैनधर्मकातीर्थस्थलहै.येपहाड़ियाँमहात्माबुद्धकेजीवनसेजुड़ीहैं.इसकीअधिकतमऊँचार्इ388मीटरहै.

खासीवजयन्तियाँकीपहाड़ियाँ

भारतकेउत्तर-पूर्वमेंमेघालयराज्यकेपूर्वीभागमेंखासी और जयन्तियाँ पहाड़ियाँविस्तृतहैं.ये14,364वर्गकिलोमीट रक्षेत्रमेंफैलीहैं.इसमेंमेघालयराज्यकीराजधानीभीस्थितहै,येउत्तरवपूर्वमेंअसम,दक्षिणमेंबांग्लादेष,पष्चिममेंगारोकीपहाड़ियोंसेघिरीहै.

नगा की पहाड़ियाँ

भारतम्यानमार सीमा पर स्थितनागापहाड़ियाँअराकानयोमाश्रेणियोंकाभागहै.इसकीउच्चतमषिखरजाप्रो3014मीटरऊँचीहै.1961तकयहअसमराज्यकाभागथीं,लेकिनअबनागालैण्डराज्समेंहैं.

पटकोर्इश्रेणी

यहनागालैण्डराज्यमेंनागालैण्डऔरम्यानमारकोपृथककरतीहै.इसकीऔसतऊँचार्इ3000मीटरहै.यहाँकासर्वोच्चषिखरमाउण्टसरामती3826मीटरऊँचाहै.

मणिपुरकीपहाड़ियाँ

मणिपुरमेंउत्तरसेदक्षिणदिषामेंविस्तृतपहाड़ियाँहैंजिनकीऔसतऊँचार्इ850मीटरसे3000मीटरतकहै.इसकीसर्वोच्चऊँचीचोटीमाउण्टजापवो3014मीटरऊँचीहै.इसश्रेणीसेबैरकऔरइम्फालनदियाँनिकलतीहैं.

पष्चिमीघाट

पष्चिमीघाटकीपर्वतश्रंृखलामहाराश्ट्रमेंताप्तीनदीकेमुहानेसेलगाकरधुरदक्षिणमेंकुमारीअन्तरीपतकलगभग1600किलोमीटरलम्बार्इमेंविस्तृतहैं.येघाट50किलोमीटरसेभीकमचौड़ेहैं,लेकिनदक्षिणमें65से80किलोमीटरतकचौड़ेहोगएहैंयेघाटउत्तर-दक्षिणदिषामेंसागरीयतटकेसमानान्तरऔरलगातारफैलेहैं.इनकीऔसतऊँचार्इ1066से1220मीटरहै.इन्हेंसह्माद्रिकीपहाड़ियाँभीकहतेहैं.पष्चिमीघाटकेउत्तरीभागमेंदोदर्रे(थालघाट583मीटरऔरभोरघाट633मीटर)हैंऔरदक्षिणमेंपालघाटदर्रा(305मीटर)है.इसपर्वतश्रंृखलामेंमहाबलेष्वर(1438मीटर),कलसूबार्इ(1646मीटर),सल्हर(1567मीटर)औरहरिचन्द्रगढ़(1435मीटर)ऊँचीचोटियाँभीहैं.इसपर्वतश्रंृखलामेंदक्षिणकीओरदोदाबेटा(2637मीटर),नीलगिरिकीमकरूतिषिखर(2554मीटर)अनामलायकीअनायमुड़ीषिखर2695मीटरऔरपालनीकीबम्बाड़ी“ाोलाषिखर2473मीटरऊँचीचोटियाँहैं.इनघाटोंमेंलावाकीपरतेंपार्इजातीहैं,दक्षिणमेंकुमारीअन्तरीपसेधारवाड़तकप्राचीनमणिमऔरकायान्तरित“ौलें(नीस,षिश्टआदि)पार्इजातीहैं.

नीलगिरि की पहाड़ियाँ

पष्चिमी घाट के दक्षिण में नीलगिरि की पहाड़िया विस्तृत हैं, यहाँ ये पूर्वी घाट के पहाड़ों से मिल गया है नीलगिरि पर्वत की सबसे ऊँची चोटी दोदाबेटा (2637मीटर)हैं.

पूर्वीघाट

पूर्वीघाटकीपर्वतश्रंृखलापूर्वमेंसागरतटीयमैदानकेसमानान्तरमहानदीकीघाटीसेदक्षिणमेंनीलगिरितकदक्षिण-पूर्वदिषामें800किलोमीटरलम्बार्इमेंविस्तृतहै.येघाटउड़ीसामें200किलोमीटरऔरदक्षिणमें100किलोमीटरचौड़ेहैं.पष्चिमीघाटकीतुलनामेंयेकमऊँचेऔरश्रृंखलाबद्धनहींहैं.इनघाटोंमेंमहानदी,गोदावरी,कृश्णा,कावेरीआदिनदियोंनेकाटदियाहै.पूर्वीघाटकीसर्वोच्चपर्वतषिखरमहेन्द्रगिरि1501मीटरऊँचीहैवउड़ीसामेंस्थितहै.अन्यश्रेणियोंमेंपालकोन्डा“ोशचालम,बिलीगिरिरंजन,मलयगिरि,नल्लामलाय,बेलीकोंडाश्रेणियाँहैं.नीलगिरिकेपूर्वकीओरतमिलनाडुमेंषिवराय,कोलार्इ-मलार्इ,पछामलार्इ,गोदूमलार्इऔरजवाडीश्रेणियाँफैलीहैं

इलायची की पहाड़ियाँ

दक्षिण भारत में केरल के दक्षिण पूर्व में तमिलनाडु की सीमा के निकटइलायची की पहाड़ियाँहैं. इसकेपूर्वकेषिखर1370मीटरऊँचेहैं.कभी कभी पालाघाट के दक्षिण में पश्चिमी घाट केक्षेत्र कोभी इलायची कीपहाड़ियाँ कहा जाता है.इस पहाड़ी क्षेत्र मेंचाय, कॉफी, टीक, बाँस आदि उगाया जाताहै.

 स्रोत: मानचित्र अध्ययन भूगोल,उपकार प्रकाशन, डा. सी एल खन्ना एवं डा.एस पी सिंह  

About Rashid Faridi

I am Rashid Aziz Faridi ,Writer, Teacher and a Voracious Reader.
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