उन्नाव का सोना और विश्वास के आगे समर्पण

Originally posted on Kafila:

अभी ज्यादा समय नहीं बीता जब एक दिन यह ज्ञात हुआ के नई दिल्ली में स्थित तथाकथित अग्रसेन की बावली को अगरवाल समाज के हवाले कर दिया गया है क्योंकि उन्होंने ए एस आई से यह कहा था के इस बावली का निर्माण महाराजा अग्रसेन ने किया था जो अगरवाल समाज के संस्थापक थे. उनका कहना था कि इसलिए अगरवाल समाज बावली की देखभाल करना चाहता है – आखिर बावली उनके संस्थापक की यादगार जो है. ए एस आई ने विधिवत ढंग से एक एम ओ यू (इकरारनामा) तैयार किया दोनों पक्षों ने उस पर हस्ताक्षर किये और बावली अग्रवाल समाज के हवाले कर दी गयी.

अग्रवाल समाज को शायद उस शिलालेख से भी ऐतराज़ था जो बावली के बाहर ए एस आई ने लगाया हुआ था और ऐतराज़ वाजिब भी था अग्रवाल समाज का “विश्वास” है के बावली महाराज अग्रसेन की बनवाई हुई थी और शिलालेख पर, जहाँ तक…

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About Rashid Faridi

I am Rashid Aziz Faridi ,Writer, Teacher and a Voracious Reader.
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One Response to उन्नाव का सोना और विश्वास के आगे समर्पण

  1. Dr. M. S. Chauhan says:

    Reblogged this on Dr. M. S. Chauhan.

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